'अदीना' उनका ताजिक भाषा के साहित्य का प्रथम उपन्यास है। इस विश्व की श्रेष्ठतम साहित्यिक कथा-कृतियों में स्थान प्राप्त है। हिन्दी में इसका अनुवाद प्रस्तुत कर राहुलजी ने हिन्दी पाठकों को विश्व की एक श्रेष्ठ कथाकृति से परिचित कराया है। इस उपन्यास का लेखक ऐनी 'जदीदों' (नवयुगवादियों) के आन्दोलन का एक प्रसिद्ध प्रतिनिधि तथा बुखारा की क्रातिकारी हलचल में आरम्भ से ही काम करने वाला रहा। ऐनी यद्यपि उन व्यक्तियों में ...Täielik kirjeldus
'अदीना' उनका ताजिक भाषा के साहित्य का प्रथम उपन्यास है। इस विश्व की श्रेष्ठतम साहित्यिक कथा-कृतियों में स्थान प्राप्त है। हिन्दी में इसका अनुवाद प्रस्तुत कर राहुलजी ने हिन्दी पाठकों को विश्व की एक श्रेष्ठ कथाकृति से परिचित कराया है। इस उपन्यास का लेखक ऐनी 'जदीदों' (नवयुगवादियों) के आन्दोलन का एक प्रसिद्ध प्रतिनिधि तथा बुखारा की क्रातिकारी हलचल में आरम्भ से ही काम करने वाला रहा। ऐनी यद्यपि उन व्यक्तियों में था, जिन्होंने बुखारा में जदीदी आन्दोलन की नाव डाली, तथापि 'जदीदवाद' के खोखलेपन से जल्दी ही परिचित हो, उसने बोल्शेविक क्रांति के पथ को अपना लिया।